शनिवार की शाम को 4 बजे एफिल क्लब, एल्डिको ग्रीन लखनऊ में डॉ. राकेश चंद्रा की दो पुस्तकों, ‘फर्श से अर्श तक’ एवं ‘Life in Anecdotes’ का लोकार्पण संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आगाज़ सुश्री अलका अस्थाना द्वारा सरस्वती वंदना गाकर किया गया। इसके उपरांत श्री उमेश चंद्र तिवारी, आई.ए.एस. (से. नि.) माननीय न्यायाधीश, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, हाई कोर्ट, श्री चंद्र प्रकाश, आई.पी.एस. (से. नि.), डॉ. पी.के.घोष, प्रोफेसर एमेरिटस इतिहास विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय एवं डॉ. ऋषि कुमार मिश्र, विभागाध्यक्ष हिंदी, लखनऊ क्रिश्चियन पी. जी. कॉलेज के कर कमलों से दोनों पुस्तकें लोकार्पित हुई।
अध्यक्ष के रूप में बोलते हुए श्री उमेश चंद्र तिवारी, आई.ए.एस. (से. नि.) ने कहा पुस्तकें जीवन को राह दिखाती हैं । मुख्य अतिथि माननीय न्यायाधीश, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, हाई कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि उच्च पदों से सेवानिवृत अधिकारियों को अपने जीवन के खट्टे मीठे अनुभवों को लिखना और आमजन के साथ साझा करना चाहिए जिससे कि युवा बच्चे इन अनुभवों से सीख सकें। विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए श्री चंद्र प्रकाश, आई.पी.एस. (से. नि.) ने लेखक के साथ पोस्टिंग के दौरान अनुभवों को याद किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. पी.के.घोष, प्रोफेसर एमेरिटस इतिहास विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय ने बोलते हुए ऑटोबायोग्राफी के महत्व को रेखांकित किया। विद्वान वक्ता डॉ.ऋषि कुमार मिश्र, विभागाध्यक्ष हिंदी, लखनऊ क्रिश्चियन पी. जी. कॉलेज ने अपने ओजपूर्ण उदबोधन में ‘फर्श से अर्श तक’ के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
डॉ. अमिता दुबे, संपादक, हिंदी संस्थान, लखनऊ के द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया।
कार्यक्रम में साहित्यकार और पत्रकारों के अतिरिक्त शहर के प्रबुद्ध जन भी उपस्थित रहे। डॉ. अरविंद मोहन, नम्रता मोहन, अशोक कुमार, श्रीकांत मिश्र, नरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. बाबूराम त्रिपाठी, सुश्री रत्ना कौल, अलका अस्थाना, रचना टंडन, डॉ. मीरा दीक्षित, अलका प्रमोद, अर्चना प्रकाश, निवेदिता श्री आदि उपस्थित रहे।