
10 सूत्रीय ज्ञापन
1- आयकर में छूट की सीमा बढ़ाकर 15 लाख तक किया जाए
2- जीएसटी के विभिन्न स्लेबो को कम करते हुए अधिकतम तीन स्लैब तक किया जाए तथा 28% जीएसटी का स्लैब अत्यधिक होने के कारण समाप्त किया जाए…
3- बढ़ती हुयी मंहगाई को देखते हुये नकद लेनदेन की सीमा को 200000/ से बढ़ाकर 500000/ लाख तक किया जाए…
4- आयकर देने वाले सभी व्यापारियों को दुर्घटना बीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए तक का किया जाए…
5- आन लाइन व्यापार पर जो बैंक के द्वारा कैश बैक दिया जाता है जिसके कारण आम आदमी के व्यापार पर काफी नुक्सान होता है इसको तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए ..
6- जो व्यापारी निरंतर जीएसटी का भुगतान कर रहे है उसकी आकस्मिक मृत्यु के पश्चात् परिवार को पेंशन और उनके बच्चो की पढाई का वहन सरकार के द्वारा किया जाना चाहिए इसके लिए व्यापारी राहत कोष का निर्माण होना चाहिए ………..
7- आन लाइन व्यापार अमेजोन,फ्लिपकार्ट,वालमार्ट इंडिया मार्ट,स्नेपडील आदि जितनी भी कंपनिया है उससे वजह से छोटा व्यापारी ज्यादा परेशान हो रहा है इसलिए ऑनलाइन व्यापार बंद होना चाहिए ….
8- सभी पेट्रोल पम्पो पर जिस मशीन से तेल दिया जाता है उसका पाइप ट्रांसपैरेंट (पारदर्शी) होना चाहिए ताकि इतनी महगाई मे तेल की चोरी पर लगाम लगाया जा सके …
9- डीजल, पेट्रोल, गैस, खाद्य तेल ,बीमा उत्पाद, आदि प्रमुख प्रोडक्ट को GST के दायरे में लाया जाय जैसा की मा. प्रधानमंत्री जी ने कई बार वन नेशन वन टैक्स की बात अपने संबोधन में कहा था…
10- लघु वर्ग और मध्यम वर्ग के व्यापारी जिन्होंने कोविड 19 के दोरान कर्ज लिया था उन व्यापारियों (NPA) नॉन परफोर्मिंग एसेट को बड़े उद्योग पतियों के कर्ज माफ़ी के आधार पर इनका भी कर्ज माफी होना चाहिए…….
ज्ञापन में : विशाल निगम,अवधेश तिवारी, पंकज वर्मा, श्रवण यादव, विजय प्रकाश रस्तोगी, सतेन्द्र राजपूत राना, सूर्यकान्त यादव गुड्डू, अश्विनी मिश्रा,पंकज द्विवेदी, विजय वर्मा आदि काफ़ी व्यापारी मौजूद रहे।।